29 वॉ श्रावक संस्कार शिविर (23 अगस्त 2020 से 01 सितम्बर 2020 तक)

    धर्मानुधारी बन्धुवर !

    हमारे पुण्योदय से परम पूज्य प्रातः स्मरणीय महाकवि संत शिरोमणि आचार्य गुरुदेव श्री 108 विध्यासागर जी महाराज के आशीर्वाद एवं उनके आज्ञानुवर्ती शिष्य परम पूज्य निर्यापक श्रमण प्राचीन तीर्थोद्धारक जगत् पूज्य श्रावक संस्कार शिविर के जनक मुनि पुंगव श्री 108 सुधा सागर जी महाराज, मुनि श्री 108 महा सागर जी महाराज, मुनि श्री 108 निष्कंप सागर जी महाराज, क्षु. श्री 105 गंभीर सागर जी महाराज, क्षु. श्री 105 धैर्य सागर जी महासागर का अमृतमय वर्षायोग महती धर्म प्रभावना के साथ स्थापित हुआ है।

    भौतिकवादी संस्कार विहीन पाश्चात्य संस्कृति की और दौड़ने वाले युग को भारतीय प्राचीन धार्मिक संस्कृति से संस्कारित करने हेतु गुरुकुल परम्परा के आधार पर श्रावक संस्कार शिविर के प्रणेता (जनक) के सर्वप्रथम सन 1991 में ललितपुर वर्षायोग के समय दशलक्षण पर्व पर दस दिवसीय शिविर का रूप देकर श्रावको को ऐसा संस्कारित किया कि आधुनिक भौतिकता की तरफ दौड़ने वाला युवा वर्ग पुनः धर्म को अपने जीवन का अंग मैंने लगा है। तब से अब तक निरंतर यह शिविर 28 वर्ष पूर्ण करता हुआ, सारे जगत में धर्मसंस्कारो का शंखनाद कर रहा है।

    इस वर्ष 2020 में 29 वॉ श्रावक संस्कार शिविर विशाल स्तर पर तपोदय तीर्थ बिजोलिया राजस्थान में आयोजित होने जा रहा है। जो अपना इतिहास स्वर्णाकित करेगा, इस अनुकरणीय संस्कार शिविर में प्रवेश लेकर अपना जीवन धन्य करे। इस परम धार्मिक अनुष्ठान में आपकी गरिमामय उपस्थिति सादर प्राथनीय है। ज्ञानगंगा में अवगाहन करपुण्यार्जन कीजिये।