28 वॉ श्रावक संस्कार शिविर (03 से 12 सितम्बर 2019 तक)

    धर्मानुधारी बन्धुवर !

    हमारे पुण्योदय से प. पु. संत शिरोमणि महाकवि आचार्य श्री 108 विध्यासागर जी महाराज के आज्ञानुवर्ती परम् शिष्य तीर्थोद्धारक श्रावक संस्कार शिविर के जनक निर्यापक श्रमण जगत पूज्य मुनि पुंगव श्री 108 सुधासागर जी महाराज, पुज्य मुनि श्री 108 महासागर जी महाराज, पुज्य मुनि श्री 108 निष्कंपसागर जी महाराज, क्षु. श्री 105 गंभीरसागरजी महाराज, क्षु. श्री 105 धैर्यसागर जी महासागर का अमृतमय वर्षायोग महती धर्म प्रभावना के साथ स्थापित हुआ है।

    भौतिकवादी संस्कार विहीन पाश्चात्य संस्कृति की और दौड़ने वाले युग को भारतीय प्राचीन धार्मिक संस्कृति से संस्कारित करने हेतु गुरुकुल परम्परा के आधार पर श्रावक संस्कार शिविर के प्रणेता (जनक) के सर्वप्रथम सन 1991 में ललितपुर वर्षायोग के समय दशलक्षण पर्व पर दस दिवसीय शिविर का रूप देकर श्रावको को ऐसा संस्कारित किया कि आधुनिक भौतिकता की तरफ दौड़ने वाला युवा वर्ग पुनः धर्म को अपने जीवन का अंग मैंने लगा है। तब से अब तक निरंतर यह शिविर 27 वर्ष पूर्ण करता हुआ, सारे जगत में धर्मसंस्कारो का शंखनाद कर रहा है।

    इस वर्ष 2019 में 28 वॉ श्रावक संस्कार शिविर विशाल स्तर पर तपोदय तीर्थ बिजोलिया राजस्थान में आयोजित होने जा रहा है। जो अपना इतिहास स्वर्णाकित करेगा, इस अनुकरणीय संस्कार शिविर में प्रवेश लेकर अपना जीवन धन्य करे। इस परम धार्मिक अनुष्ठान में आपकी गरिमामय उपस्थिति सादर प्राथनीय है। ज्ञानगंगा में अवगाहन करपुण्यार्जन कीजिये।

नोट - कृप्या शिविर में प्रवेश के दौरान अपना आधार कार्ड की कॉपी व फोटो जरूर साथ लाये।